यूं तो हर कोई कहता है कि
महिलाएं पुरुषों के बराबर होती हैं, लेकिन इस देश में ऐसी महिलाएं भी हैं,
जिन्होंने यह साबित किया है कि महिलाएं पुरुषों के बराबर नहीं, बल्कि उनसे बढ़कर
हैं। ऐसी ही एक महिला हैं– अरुणाचल प्रदेश की अंशु जमसेंपा। पर्वतारोही
अंशु ने अपनी काबिलियत के दम पर पूरी दुनिया में भारत का नाम रोशन किया है।
हाल ही में अंशु ने महज 118
घंटे में 2 बार दुनिया की सबसे ऊंची चोटी पर तिरंगा फहराकर कीर्तिमान स्थापित किया
है। ऐसा करने वाली वे दुनिया की पहली महिला बन गई हैं। अंशु ने अपने जीवन में
हमेशा एक लक्ष्य पाने के बाद बिना रूके दूसरे लक्ष्य की तरफ कदम बढ़ाया है। उनके
हौसले इनकी उम्र से बहुत बड़े हैं। अंशु पहले भी वर्ष 2011 में 10 दिन के अन्दर 2
बार एवरेस्ट फतेह करने का करिश्मा कर चुकी हैं । वर्ष 2013 में उन्होंने नेपाल के
दुर्गम पहाडों की ओर से चढ़कर एवरेस्ट पर कदम रखा। पिछले वर्ष मई महीने में
उन्होंने हिमालय की तीन दुर्गम चोटियों को केवल 6 दिन में फतह करने का रिकॉर्ड
अपने नाम किया । ये चोटियां थीं- लोबचे
(6119 मीटर), पोकल्दे (5896
मीटर) और आइलैंड (6189
मीटर)। नेपाल सरकार
ने उनकी इस उपलब्धि के लिए उन्हें सम्मानित किया है।
पांचवीं बार चढ़ाई शुरू
करने से पहले अंशु के शब्द थे– ‘मेरा लक्ष्य अब माउंट एवरेस्ट पर फिर तिरंगा
फहराने और भगवान बुद्ध को नमन करने का है।’ इस तरह अंशु ने 5 बार 8,850
मीटर ऊंचे एवरेस्ट को फतेह करने का गौरव हासिल कर लिया है।
अंशु देश की महिलाओं के लिए एक
जीता जागता आदर्श हैं। उनकी विजय इसलिए भी खास है कि उन्होंने अपने परिवार की सभी
जिम्मेदारियों को निभाते हुए ये मुकाम हासिल किया है। आमतौर पर शादी के बाद जहाँ
महिलाएं अपनी आशाएं और सपने भुला देती हैं वहीं अंशु ने दो बच्चों की माँ होने के
बावजूद इस कठिन लक्ष्य को प्राप्त किया और पूरे देश का नाम रोशन किया ।
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